अचानक होने वाला सीने का तेज़ दर्द, जो पीठ की ओर फैल जाए, और उसके साथ अगर बेहोशी या स्ट्रोक जैसे लक्षण दिखें, तो यह केवल हार्ट अटैक ही नहीं बल्कि Aortic Dissection भी हो सकता है। यह एक ऐसी घातक मेडिकल इमरजेंसी है जिसमें सही समय पर पहचान और इलाज न मिले तो मरीज की जान जा सकती है।
इस एपिसोड में डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार गौतम, Director – Life Savers ICU, Kanpur बताते हैं कि Aortic Dissection क्या है, क्यों होता है, कैसे पहचानें और इसका इलाज क्या है।
शब्द से समझें:
Aorta: शरीर की सबसे बड़ी धमनी (main artery) जो दिल से खून को पूरे शरीर में पहुंचाती है।
Dissection: फट जाना या परतों का अलग हो जाना।
👉 जब Aorta की अंदरूनी परत (Tunica Intima) में अचानक टियर (tear) हो जाता है, तो खून उसकी लेयर्स के बीच प्रवेश कर जाता है और false lumen बना देता है। इससे Aorta कमजोर होकर फट सकती है और मरीज अचानक shock या cardiac arrest तक पहुँच सकता है।
लगातार या अचानक बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर Aorta पर दबाव डालता है और यह फट सकती है।
भारी व्यायाम
अचानक तनाव
Recreational Drugs (Cocaine, Ecstasy)
Energy drinks
Marfan Syndrome
Ehlers-Danlos Syndrome
अन्य connective tissue disorders
पहले से मौजूद Aortic aneurysm (abnormal bulging) भी डिसेक्शन का कारण बन सकता है।
Aortic Dissection के लक्षण बहुत तेज़ और अचानक होते हैं:
सीने में अत्यधिक तेज दर्द, जो अक्सर पीठ की ओर फैलता है
बेहोशी आना
स्ट्रोक के लक्षण (चेहरा टेढ़ा होना, हाथ-पैर काम न करना)
सांस फूलना, पसीना आना
ब्लड प्रेशर बहुत अधिक या कभी अचानक गिर जाना
Shock में चले जाना
👉 ऐसे लक्षण दिखें तो इसे “Red Flag” Emergency मानकर तुरंत ICU पहुँचें।
डॉ. गौतम बताते हैं कि Aortic Dissection की पहचान लक्षण और इमेजिंग से होती है:
लक्षण (Clinical suspicion)
अचानक और असहनीय छाती/पीठ का दर्द
Hypertension का इतिहास
Imaging Techniques
2D Echocardiography (TTE / TEE)
CT Angiography (CTA) – Gold Standard
MRI
इनसे tear की लोकेशन और साइज पता चलता है।
Blood Tests
Cardiac biomarkers
Inflammatory markers
Aortic Dissection को Stanford Classification में बाँटा जाता है:
Type A: Ascending Aorta में tear (सबसे खतरनाक, अक्सर तुरंत सर्जरी चाहिए)
Type B: Descending Aorta में tear (medical management + selective surgery)
Blood Pressure Control: BP को तेजी से कम करना (Beta-blockers जैसे Esmolol / Labetalol)
Heart Rate Control: HR को ~60 bpm तक लाना
Pain Management: Morphine जैसे analgesics
Type A Dissection → सर्जरी जरूरी
Graft लगाना या Diseased segment को बदलना
Type B Dissection → Medical management, लेकिन complications हों तो endovascular stent grafting
यदि डिसेक्शन का Diagnosis देर से हुआ, तो मरीज को sudden cardiac death हो सकती है।
मरीज shock में जा सकता है।
Kidney failure, Stroke और अन्य organ failure का खतरा बढ़ जाता है।
👉 समय पर Diagnosis + सही इलाज = जान बचाने की सबसे बड़ी कुंजी।
High BP का नियंत्रण (regular monitoring + दवाइयाँ)
भारी व्यायाम / स्ट्रेनिंग से बचें
Smoking और recreational drugs से परहेज
Genetic syndromes (जैसे Marfan) वाले मरीजों का नियमित cardiac screening